‘MP न होते तो चाकू चला रहे होते,  रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा स्कूल में पीते थे बीड़ी , रीवा के सांसद का अजीबोगरीब बयान

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से जनार्दन मिश्रा तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। जनार्दन मिश्रा एक स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। यहीं पर उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए अजीबोगरीब बयान दिया है

 

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से नव निर्वाचित भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा एक बार फिर सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं। अपनी बयानबाजी से हमेशा सुर्खियो में रहने वाले तीसरी बार सांसद बने जनार्दन मिश्रा ने अजीबोगरीब बयान दिया है। सांसद जनार्दन मिश्रा ने भरे मंच से कहा, ‘यह उनके शिक्षकों का आशीर्वाद था, जिसके कारण आज वह सांसद के पद पर बैठे हैं नहीं तो वह कहीं चाकू चला रहे होते।’ भरे मंच से दिए गए सांसद के इस बयान से लोग सन्न रह गए। सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

 

रीवा शहर के एक मॉडल स्कूल के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर सवर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा था। इस मौके पर प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे हुए थे। आयोजित कार्यक्रम में नव निर्वाचित हुए रीवा लोकसभा सीट से सांसद जनार्दन मिश्रा सहित अन्य नेता गण और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे। इसी दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने मंच से अपना संबोधन शुरु किया और अपने भाषण में कुछ एसा बयान देना शुरु कर दिया के वहां पर उपस्थित सभी लोग हक्के बक्के रह गए।

 

जब सांसद को स्कूल से निकाला गया

मंच से लोगों को संबोधित करते हुए जनार्दन मिश्रा ने कहा की छात्र जीवन में वह बिगड़ गए थे। वे अक्सर अन्य छात्रों के साथ मारपीट करते और बीड़ी का सेवन भी करते थे। इस कारण उन्हें स्कूल से रेस्टिकेट भी किया गया था। सांसद ने कहा की अगर शिक्षको का साथ न मिला होता तो वो आज सांसद नहीं होते बल्की कहीं चाकू चलाते घूम रहे होते।

 

स्कूल में बीड़ी पीने की हो गई थी आदत

उन्होनें लोगों को संबोधित करते हुए शिक्षकों के महत्त्व के बारे में चर्चा की। अपने छात्र जीवन को याद करते हुए सांसद जनार्दन मिश्रा ने लोगों से कहा की छात्र जीवन में वो काफी बिगड़ हुए थे। उन्हें बीड़ी पीने की आदत हो गई थी। अक्सर ही वह मारपीट करते थे, लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल सिद्दकी साहब और शिक्षक रामानुज दुवेदी के कारण वो सुधर गए। उन्होंने बताया की स्कूल में बीड़ी पीए जानें पर शिक्षक ने पकड़ लिया था, तब वह 7 दिन के लिए रेस्टीकेट कर दिए थे। घर में बीड़ी पीने की शिकायत भी कर दी गई थी।

 

आज जो कुछ भी हूं, शिक्षकों के बदौलत- जनार्दन मिश्रा

सांसद ने आगे कहा की ऐसे ही मारपीट की शिकायत पर सिद्धिकी साहब ने प्रिंसिपल कक्षा में 5 दिनो तक किताब पढ़ने की सजा दी थी। सांसद ने कहा मैं आज जो भी हुं, अपने शिक्षकों के बदौलत हुं नहीं तो कहीं चाकू चलाते हुए घूम रहा होता। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र कहे की आज वह जो भी है, वो खुद के दम पर है तो गलत है। उसके पीछे उनके शिक्षकों का बडा योगदान रहता है। सांसद ने कहा की शिक्षकों की गुटबाजी से न तो छात्र का भला होता है और न ही स्कूल का भला होता है। सांसद ने कहा की वह स्वयं ही गुटबाजी का शिकार हुए हैं। इसलिए छात्र और स्कूल का नाम तभी रोशन होगा जब गुटबाजी न हो।

 

सांसद पहले भी रहे कई बार सुर्खियों में

बता दें कि यह पहला मामला नहीं जब सांसद आपनी कार्यप्रणाली और बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वह कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। स्वच्छता के प्रति वह इतने सजग हैं की कई बार उन्होंने खुद से गंदे टॉयलेट देखकर अपने ही हाथों से उसकी सफाई कर दी। कई बार वह गंदे और बदबूदार नाले में सफाई के लिऐ उतर पड़े और फावड़ा लेकर नाले के सफाई करने लगे थे। इन सभी घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुए थे

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